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दिल माटी में सजन गहरे रोप देना, अलौकिक पुष्प प्यार ना तोड़ देना_sushma singh srisahitya

अप्रैल 22, 2021
   दिल  माटी  में  सजन  गहरे  रोप  देना,    अलौकिक  पुष्प  प्यार  ना  तोड़   देना।    घूप  शीत से भी  इसको  बचाना होगा,    जमाने...Read More

डॉ बीना सिंह जी की ताजी रचना पढ़िये, जफा वफा से रूबरू होना पड़ा कई बारइस दिल को जख्मी होना पड़ा कई बार_srisahitya

अप्रैल 20, 2021
जफा वफा से रूबरू होना पड़ा कई बार इस दिल को जख्मी होना पड़ा कई बार मोहब्बत उल्फत निस्बत सब देखा हमने कभी हंसी तो कभी गम सहना पड़...Read More

कवियों के अपने पटल पर प्रस्तुत है ,वो जबसे मोहब्बत करने लगे हैं /जी भर के शिकायत करने लगे हैं_srisahity

अप्रैल 16, 2021
गजल 💚💙💛🧡❤️ वो जबसे मोहब्बत करने लगे हैं जी भर के शिकायत करने लगे हैं।। 💚💙💛🧡❤️💚💙💛🧡❤️ कहते हैं दिल है पत्थर से बना पत्...Read More

अविरल संघर्षों से टकराने तू अकेला ही खड़ा होगा पर विजय बिगुल बजाने को अकेला अडिग अड़ा होगा_deepa ojha

अप्रैल 15, 2021
* युद्ध*  लड़ता जा तू  लड़ता जा  बिना रुके तू बढ़ता जा  दौड़ नहीं सकता है तो  तू चल कर अपना सेतू बना  औरों की ना सोच अब ...Read More

मुझ कुर्सी के खातिर एकदुजे का खून बहाते लोग ।प्रेमशंकर अज्ञानतावश मेंमौत को गले लगाते लोग_premi

अप्रैल 15, 2021
मैं एक कुर्सी हूँ *****    ***** घर आए मेहमानों का मै काम हमेशा आती हूँ। हर महफिल हर सभा में मैं ही पहले पूछी जाती हूँ।। दुख मुझ...Read More

सुख की गोद हो, विश्वास की चदरिया, हम तुम हों दोनों, आहृलाद भरी प्रेम नगरिया ,सुषमा जी की प्यारी रचना_srisahitya

अप्रैल 15, 2021
अटूट बंधन                        ------------------------    तुम  हो  मन  में,    मन    है   तुझमें,    तेरे  मेरे मन  का,    अट...Read More

महू नगर जनवासी, रामजी लाडला लाल,भीमाबाई का भीवा,महार जाति का लाल।सुखविंद्र सिंह मनसीरत_srisahitya

अप्रैल 14, 2021
*****बाबा भीमराव आंबेडकर******* ******************************** महू नगर जनवासी, रामजी लाडला लाल, भीमाबाई का भीवा,महार जाति का ल...Read More

काश में सोलह की हो जाती,और वह बीस का हो जाता।बन जाती मैं उसकी नायिका ,और वह मेरा नायक हो जाता_dr Bina Singh

अप्रैल 11, 2021
प्रेम पाती ----------- काश में सोलह की हो जाती और वह बीस का हो जाता बन जाती मैं उसकी नायिका  और वह मेरा नायक हो जाता  ना हमने कु...Read More

इश्क में चैन ओ सुकून क्यों गवाया जाए दुश्मन को अपने दिल में क्यों बसाया जाए_dr bina singh

अप्रैल 09, 2021
इश्क में चैन ओ सुकून क्यों गवाया जाए  दुश्मन को अपने दिल में क्यों बसाया जाए  हकीकत नहीं पता उसके बारे में हमें कुछ भी  फकत हाथ ...Read More

साहित्यकुंज द्वारा स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता को लेकर विश्व स्वास्थ्य दिवस पर कवि सम्मेलन आयोजित_srisahitya

अप्रैल 08, 2021
विश्व स्वास्थ्य दिवस पर कवि सम्मेलन आयोजित तन खुशहाल रहेगा तो यह दुनियाँ खुशहाल रहेगी,इसलिये हर हाल में तन मन को स्वस्थ्य रखना ह...Read More

बैठ आमने-सामने निहारे एक दूजे को, वक्त थम जाए सिर्फ यही चाहता मन_srisahitya

अप्रैल 06, 2021
गजल --------------------   सुरमयी  लोहित  सांझ और अकेला मन,   सुध नहीं  अपनी  तुझमें  ही  खोया  मन।   रजनी  पसार  रही  नीरव  चाद...Read More

सुषमा सिंह की तीन ताजी रचनाओं में पढ़िए समय का नहीं कोई विकल्प, समय से हर कार्य तू कर, समय की महता तू समझ, जीवन सूर्य जाएगा चमक_srisahitya

अप्रैल 03, 2021
  कुर्सी       --------------------    कुर्सी  के  साथ  छुपा  होता  है भय,    कुर्सी और सता प्रपंचों का खुला खेल     हर्यक    हो...Read More