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बंद जुबां बेबस चाल जाए कहां , किसके पास,उजड़ा चमन हाल बेहाल_वह _युवा _ वेबा

सितंबर 25, 2020
वह  युवा  वेबा --------------------- श्रीहीन  भावहीन   मुखड़ा  गमगीन   आहत  चेहरा, आंखों  से  गिरता   पानी, पपड़ी  जमें  होंठ   ...Read More

मैं तो उनके साथ ही जीना और मरना भी चाहूँगा । दादाजी की लाठी बनकर साथ में रहना चाहूँगा _प्रेम शंकर प्रेमी

सितंबर 25, 2020
दादाजी की लाठी               दादाजी की लाठी बनकर                साथ में रहना चाहूँगा ।                जहाँ-जहाँ जाएंगे उनके     ...Read More

शिकार ना हो सकेकहीं हवस के आगोश में बेटियां,प्रियदर्शी किशोर श्रीवास्तव

सितंबर 21, 2020
 मेरे प्रिय लिखो तुम  ऐसी शायरी कोई जिसके शब्दों के बाण  घातक हो इतने की शिकार ना हो सके कहीं हवस के आगोश में बेटियां  जल न सके ...Read More

श्रीसाहित्य के पटल पर एक शाम,शहीदों के नाम अखिल भारतीय कवि सम्मेलन का आगाज

सितंबर 20, 2020
एक शाम शहीदों के नाम 🔴🟡🟢 श्रीसाहित्य के पटल पर भव्य अखिल भारतीय कवि सम्मेलन का आगाज हुआ,जिसमें देश प्रेम से ओतप्रोत कविताओं क...Read More

कैसे लिखें कविता ? यदि आप कवि बनना चाहते हैं तब आपको इन नियमों पर ध्यान देना होगा, आचार्य सूर्य प्रसाद शर्मा "निशिहर"

सितंबर 19, 2020
हिंदी में छंदों को लिखने के नियम होते हैं । कुछ छंदों के नियम इस प्रकार हैं --- दोहा ------दोहा मात्रिक छंद है । इसमें दो पंक्ति...Read More

स्वयं को इस समाज में मजबूती से स्थापित करना ही फेमिनिज़्म है ,आराध्या'अरु'

सितंबर 17, 2020
फेमिनिज़्म* ( आज के सन्दर्भ में ) 🌷🌷🌷🌷🌷🌷 फेमिनिज़्म का मतलब पुरुषों से अधिक ऊपर जाने की इच्छा रखना या उनको डोमिनेट करने क...Read More

मन चाहता है फ़िर सेगांवों में लौट जाना,बारिशों में भींगनाहवाओं संग दौडना सुषमा सिंह

सितंबर 17, 2020
अपना गांव ----------------- बहुत  याद  आता  है, मुझे   अपना   गांव, वो   लहलहाते   खेत, वो  बरगद  की  छांव । काकी  की  कहानियां,...Read More