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भागेगा कोरोना---- शैलेन्द्र सिंह " शैली", हरियाणा

--- 🌴भागेगा कोरोना🌴----
वर्तमान में जग में
यह कैसी बीमारी आई,
सेहत के साथ-साथ
अर्थव्यवस्था भी हिलाई।

*लक्षण इसके दिखें तो*
*बताने में नहीं है कोई बुराई,*
*इसी में है खुद की*
*व देश की भलाई।*

*दुनिया मे छाई है*
*यह नई बीमारी,*
*डाक्टरऔर पुलिस*
*खड़े हैं बन प्रहरी।*

*इनका भी*
*परिवार है बच्चे हैं।*
*पुलिस और डॉक्टर*
*देश भक्त सच्चे हैं।*

*जान हथेली पर रख*
*ये देश सेवा में खड़े हैं,*
*जबकि हम अपने*
*घर में पड़े हैं।*

*मूर्खों का हमला भी*
*ये झेल रहें हैं,*
*देश के लिए अपनी*
*जान पर खेल रहें हैं।*

*घर के काम में हाथ बटाओ,*
*पत्नी-बच्चों संग*
*प्यार से रहोना भाई।*

अपने घर को
स्वर्ग बनाओ,
फिर देखो अपने आप
भागेगा कोरोना भाई।

हिम्मत से सब मिलकर
इसका मुकाबला करो भाई,
'शैली' के जो बात समझ आई,
वही आपको बताई।

---रचनाकार:-शैलेन्द्र सिंह शैली
11,हट्टा बाज़ार
*महेन्द्रगढ़,हरियाणा।*

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10 टिप्पणियाँ
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Unknown ने कहा…
सरल और उचित कविता।
सुन्दर और सामयिक रचना।
sriram ने कहा…
धन्यवाद
sriram ने कहा…
प्रणाम डॉक्टर साहब
Isha Singh ने कहा…
शुक्रिया सर
Isha Singh ने कहा…
बहुत बहुत आभार डॉ साहब
आपकी इस प्रविष्टि् की चर्चा कल बुधवार (10-06-2020) को  "वक़्त बदलेगा"  (चर्चा अंक-3728)    पर भी होगी।
--
सूचना देने का उद्देश्य है कि यदि किसी रचनाकार की प्रविष्टि का लिंक किसी स्थान पर लगाया जाये तो उसकी सूचना देना व्यवस्थापक का नैतिक कर्तव्य होता है।
--
हार्दिक शुभकामनाओं के साथ।
सादर...!
डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक'
भागेगा ,ज़रूर भागेगा .अच्छी सलाह मान लें लोग तो भारना पड़ेगा ही .
Anuradha chauhan ने कहा…
बेहतरीन प्रस्तुति 👌
मन की वीणा ने कहा…
सामायिक सार्थक सृजन।