मुंशी प्रेमचंद महोत्सव, कविता,मेरे प्रियतम- अकिल शेख


कविता

"मेरे प्रियतम"

बारिश हुई और
बूंदे पड़ी
मन में छुपा यह
कौन है?

चंचल है मन
चितवन वदन
चित्त को लुभाता
यह कौन है?

सखी! वह मेरा
केवल मेरा
प्राणों से प्रिय
मेरा प्रियतम है,

उपवन में बोले
जो पपीहा
गुलशन में नाचे
वो मोर है,

घन-घन ये बदरा
कि घटा
बिजुरी ये चमके
किस ओर है,

इन्द्रधनुष में
रंग है जैसा
ठीक वैसा ही
मेरा मन है,

सखी!
प्रिय से मिलन
होता तभी है
जब बारिश बरसती
तेज है,

बोलो सखी!
तुम भी बताओ
तुम्हारे प्रियतम
किस ओर है?

बारिश बरसाती है
तेज सखी!
फिर तुम्हारा चित्त
क्यों मौन हैं?

इतनी दुःखी हो
लग रहा है
तुम्हारे प्रियतम
कहीं और हैं,

क्यों न उन्हें तुम
संदेश भेजो
इस बरसते
मेघ से,

जैसे जुड़ा है
चित्त मेरा
तुम भी जुड़ों
अपने प्रियतम से,

जब भी बरसात
है ये बारिश
चित्त को लुभाता
ये कौन है?

सखी! वह मेरा
केवल मेरा
प्राणों से प्रिय
मेरा प्रियतम है।

अकिल शेख़
बलिया, उत्तर प्रदेश।
स्वरचित एवं मौलिक

55 टिप्‍पणियां

डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक' ने कहा…

बहुत सुन्दर।

Unknown ने कहा…

Wheldon frnd, best of luck for bright future

Unknown ने कहा…

प्रकृति और प्रेम के तालमेल की बेहतरिन प्रस्तुति 👌👌

Shams tabrez ने कहा…

प्रकृति और प्रेम के तालमेल की बेहतरीन प्रस्तुति ��

Dileep Yadav ने कहा…

बहुत अच्छा दोस्त

Raghvendra Singh Gaur ने कहा…

बारिश की फुहारों सी सुंदर पंक्तियां ।

Abdul Kalam ने कहा…

मित्र बहुत ही अद्भुत कजरी लिखा है आपने....💐💐💐
हमे आपार खुशी है कि अब आपने अपने अंदर के शब्दों को मंच दिया है अल्लाह से दुआ है कि इसी तरह आप बेहतर करिये । 😊😊😊
मित्र एक बात बताओ इतने दिन हमलोग साथ रहे परन्तु कभी आपने स्त्री मन की बात ही नही की , किंतु आज आपने दो स्त्रियों की मनो स्थिति को इतने मधुर और रसताल शब्दो मे पिरोया कैसे?
इक्ष्वाकु सहपाठी को अपनी मन की गाथा ज़रूर बताएं ।

Ichhanand Mishra ने कहा…

इतनी दुखी हो लग रहा है तुम्हारे प्रियतम कहीं और हैं!! सारगर्भित।👏👏😊😊
..........बारिश के मौसम में प्रेम सन्दर्भित कविता अमूल्य है,अद्वितीय है।मन को प्रेम के सागर में समाहित होने को उत्सुकतावश कुरेदने वाली है ये कविता।

Akhileshwar ने कहा…

प्रेम और प्राकृत का अद्भुत मेल पढ़ कर मजा आ गया शानदार भाई साहब

Abdul Kalam ने कहा…

सही कहें मिश्रा जी...☺️☺️☺️
इनकी प्रियतमा कहि और है ....!

Unknown ने कहा…

शानदार लेख

अकिल शेख़ ने कहा…

धन्यवाद सर्।🙏🙏

अकिल शेख़ ने कहा…

धन्यवाद मित्र

अकिल शेख़ ने कहा…

धन्यवाद।

अकिल शेख़ ने कहा…

शुक्रिया।

अकिल शेख़ ने कहा…

धन्यवाद मित्र

अकिल शेख़ ने कहा…

धन्यवाद मित्र।🙏🙏

अकिल शेख़ ने कहा…

बहुत बहुत शुक्रिया दोस्त😊😊😊

अकिल शेख़ ने कहा…

इतनी खूबसूरत टिप्पणी के लिए बहुत बहुत धन्यवाद मित्र।🙏🙏

अकिल शेख़ ने कहा…

बहुत बहुत शुक्रिया भाई साहब।

अकिल शेख़ ने कहा…

जी बहुत बहुत धन्यवाद।

Unknown ने कहा…

शानदार कविता👌

Israr khan ने कहा…

बहुत अच्छा भैया जी

Unknown ने कहा…

Well done bro

Unknown ने कहा…

Dil ko chu janey wali kavita

Unknown ने कहा…

Bahut Sunder Bhai.

अकिल शेख़ ने कहा…

धन्यवाद

अकिल शेख़ ने कहा…

शुक्रिया

अकिल शेख़ ने कहा…

धन्यवाद

अकिल शेख़ ने कहा…

बहुत बहुत धन्यवाद

अकिल शेख़ ने कहा…

धन्यवाद

Unknown ने कहा…

परम मित्र आकिल भाई आपने इस श्रावण मास में जो स्व रचित कविता लिखी है वह वाकई में बहुत ही प्रसंसनीय है सच में बहुत ही अच्छे से आपने प्रेम को शब्दो में पिराया है
मित्र हम उमीद करते है की जल्द ही आप एक और कविता प्रस्तत करेगे

Unknown ने कहा…

मित्र सच में बहुत ही सुन्दर कविता लिखी है आपने

Unknown ने कहा…

Bahut achha likha h Akil bhai

Vikas Singh ने कहा…

Bahutkhub Akil sir

अकिल शेख़ ने कहा…

बहुत बहुत धन्यवाद मित्र

अकिल शेख़ ने कहा…

बहुत बहुत धन्यवाद मित्र।

अकिल शेख़ ने कहा…

Thank you Bhai

अकिल शेख़ ने कहा…

Thank you vikas bhai

अकिल शेख़ ने कहा…

Thank you vikas bhai

Ghanshyam kaithvaas ने कहा…

अति उत्तम रचना अकील भाई
💐💐💐

Vipin mishra ने कहा…

मन को हरती प्रकृति सुंदरता से अपने जैसे
आकिल तेरी कविता भी दिल को छूती है वैसे।
अत्यंत शोभनीय प्रयास मित्र।

Unknown ने कहा…

Bhut sunder kavita

अकिल शेख़ ने कहा…

धन्यवाद घनश्याम भाई

अकिल शेख़ ने कहा…

धन्यवाद प्रिय मित्र।🙏🙏

अकिल शेख़ ने कहा…

धन्यवाद🙏🙏

Unknown ने कहा…

Bahot sunder akil bhai #Asif

Unknown ने कहा…

बहुत ही उतकृष्ट कविता मामू। आप और आपकी कविता का दोनो की जितनी तारीफ की जाए कम है।।

Unknown ने कहा…

MashaAllah chacha

Er.B.K.Yadav ने कहा…

बहुत खूबसूरत पंक्तिया इस बारिश के मौसम के साथ इनकी खूबसूरती और बढ़गई।

अकिल शेख़ ने कहा…

बहोत बहोत शुक्रिया आपका।

अकिल शेख़ ने कहा…

Thank you....

अकिल शेख़ ने कहा…

बहोत बहोत शुक्रिया सर्

अनाम ने कहा…

Mashallah

अकिल शेख़ ने कहा…

बहोत बहोत शुक्रिया....