मुंशी प्रेमचंद महोत्सव, कविता,मजदूर हूं मजबूर हूं-मेजर मुन्नी पंकज


मजदूर हूं मजबूर हूं
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                      मेजर मुन्नी पंकज

मजदूर हूं  मजबूर हूं घर से मैं दूर हूं, ।
गांव अभी दूर है पर जाना जरूर है ,
भूखी - प्यासी जनता हैं , कहां किसी को ममता है ।
शहर - शहर को फ्लाईओवर से जोड़ा ,
करोना आया तो सबने छोड़ा , सबने तोड़ा ।
शहर बनाया गांव को सींचा ,
धरती को हमने सजाया ।
आसमां ओढ़ना धरती बिछौना , 
मेरा दूधमुहां छौना बना घिनौना ।
पेड़ लगाए बंजर में , 
स्वार्थ ककहरा न आया ।
आंखें सिसकता दिल है झुलसता , 
मजबूरी में कोई काम न आया ।
दूर हैं मजदूर हैं अपनों से हम बहुत दूर हैं।
चक्र रुका है दुनिया का, वो चक्र हमें चलाना है ।
पर आज सड़क दो जाने का ,
घर आज हमें जी जाना है ।

34 टिप्‍पणियां

Munni Pankaj ने कहा…

मजदूर ही वास्तव में इस धरती के भगवान हैं ।

अनाम ने कहा…

Beautiful ��

Unknown ने कहा…

.बेहद प्रासंगिक कविता है👌

Nikhil ने कहा…

Heart touching lines

Rakesh babu ने कहा…

Nice...����

Rakesh babu ने कहा…

Nice...👏👏

Rakesh babu ने कहा…

Nice...👏👏

Unknown ने कहा…

Parprant me kam kar rahe mazaduro ki aur k corona me pariwar se dur fase huwe mazaduro ki wyatha ka abhutpurva chitran..
Lekhika Mejor munni pankaj ji ko bahot bahot Dhanyawad..

Unknown ने कहा…

Nice 👌

Unknown ने कहा…

Majduron ke upar likhi Gai Kavita bahut hi acchi hai very nice

Vijaya laxmi ने कहा…

Bahut achhi kavita likhi gae hai,nice good ones✍��

Unknown ने कहा…

Majduro ke liye line bahut ho gaye nahin hai aur bahut hi achcha hai jo line ab bole Hain aapke liye bahut bahut dhanyvad

dev ने कहा…

ह्रदयस्पर्शी रचना, अद्भुत चित्रण

Unknown ने कहा…

Waah heart tuching wiwran..
Mazaduro ki wedna ka saccha lekhankan..
Superb
Congratulations munni pankha ji..

Unknown ने कहा…

Excellent

Harish joshi.. BALA-G Product group ने कहा…

Bahot khub ye biyaran koi kavi hruday hi kar shakta he.. 100% heart tuching.
Abhinandan munni pankaj ji

Unknown ने कहा…

जय श्री राम
भगवान भला करें आपका जो कि आपने आज की दुनियां की हकीकत का बखान किया है। आपने तो कमाल की कविता लिखी है।
धन्यवाद

Harish joshi Bala-G enterprise ने कहा…

ह्रदय स्पर्शी कविता ।।
धन्यवाद मेजर साहिबा

Unknown ने कहा…

Heart touching thank you

Munni Pankaj ने कहा…

धन्यवाद

Munni Pankaj ने कहा…

शुक्रिया देव जी

Munni Pankaj ने कहा…

निखिल जी कविता पढ़कर जवाब देने के लिए तहे दिल से शुक्रिया।

Munni Pankaj ने कहा…

राकेश जी कविता पढ़ने के लिए और कमेंट करने के लिए शुक्रिया

Munni Pankaj ने कहा…

प्रेम साइट पर आकर कविता पढ़ने के लिए और कमेंट करने के लिए शुक्रिया धन्यवाद।

Munni Pankaj ने कहा…

हरीश जोशी सी वेबसाइट पर आकर कविता पढ़ने के लिए और इतना अच्छा कमेंट करने के लिए बहुत-बहुत धन्यवाद

Munni Pankaj ने कहा…

जी दुनिया का हकीकत कलम से ही उजागर होता है आपका बहुत-बहुत धन्यवाद कमेंट करने के लिए।

Munni Pankaj ने कहा…

विजयालक्ष्मी जी कविता पढ़ने के लिए और अच्छी कमेंट के लिए शुक्रिया आप जैसे पाठक लोगों से ही कवि कवित्री लोगों का मनोबल बढ़ता है धन्यवाद ।

Munni Pankaj ने कहा…

जी धन्यवाद मजदूरों की कथा मर्मस्पर्शी भी होती है।

Munni Pankaj ने कहा…

जी शुक्रिया कभी मन बहुत ही नाजुक होता है ।ज न जाए रवि वहां जाए कभी

Munni Pankaj ने कहा…

जी शुक्रिया मजदूरों को अपने जगह पर काम बहुत कम मिल पाता है वह अपने प्रांत राज्य से दूर जाकर ही काम खोजते हैं और मीडिया पर जब वह वापस आने को होते हैं तब स्थिति विचलित करने वाली हो जाती है जैसा लॉकडाउन में हुआ धन्यवाद कविता पढ़ने के लिए।

Munni Pankaj ने कहा…

जी शुक्रिया लॉकडाउन के बाद यह चंद शब्द ही रिकॉर्ड में रह जाएंगे जो इतिहास हो जाएगा कम से कम कविता के बहाने मैंने भी था और आपने पड़ा ।

Munni Pankaj ने कहा…

जी हौसला अफजाई के लिए बहुत-बहुत शुक्रिया लेखकों लेखिकाओं को आप लोग जैसे पाठक गए थे मनोबल मिलता है।

Munni Pankaj ने कहा…

जी धन्यवाद।

Vijaya laxmi ने कहा…

I like this .