साहित्यकुंज द्वारा स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता को लेकर विश्व स्वास्थ्य दिवस पर कवि सम्मेलन आयोजित_srisahitya

विश्व स्वास्थ्य दिवस पर कवि सम्मेलन आयोजित

तन खुशहाल रहेगा तो यह दुनियाँ खुशहाल रहेगी,इसलिये हर हाल में तन मन को स्वस्थ्य रखना है। कोरोना काल में सभी भारतीय को कोरोना से जंग लड़ना है  और हर हाल में जंग जीतना है।
     उपरोक्त बातें लब्ध प्रतिष्ठित हिन्दी दैनिक "दस्तक प्रभात" के प्रधान संपादक एवं वरीय साहित्यकार श्री प्रभात वर्मा ने  देश की लोकप्रिय साहित्य,कला व संस्कृति की संवाहक संस्था "साहित्यकुंज" द्वारा विश्व स्वास्थ्य दिवस के अवसर पर आयोजित ऑनलाइन व्हाट्सअप अखिल भारतीय कवि सम्मेलन के उद्घाटन करते हुये कही। उद्घाटन के पश्चात वर्मा ने अपनी मगही कविता की इन पंक्तियों-- :
"मन से हर संताप मिताके,
सबके गले लगाव$,
आपस में हो सबके भाईचारा, को सुनाकर सबका मन मोह लिया।
सबके मेल मिलाप बनाव$"
     रायबरेली से पधारे वरिष्ठ साहित्यकार आचार्य सुर्य प्रसाद "निशिहर" की अध्यक्षता  एवं वरीय कवि श्री राम राय व नागेन्द्र दूबे केशरी  के कुशल संचालन में आयोजित इस कवि सम्मेलन में संचालक नागेन्द्र दूबे केशरी ने काव्य पाठ करते हुये  कहा-
प्यार इंसान को इंसान बना देता है,
उम्र की राह को आसान बना देता है ,
है गर मोहब्बत तो नहीं रखना हमारी खता पर नजर,
प्यार पत्थर को भगवान बना देता है।"
     वरिष्ठ कवि एवं साहित्यकुंज के प्रधान महासचिव अरविन्द अकेला की यह पंक्तियाँ-
"सबसे पहले खुद को स्वस्थ्य रखें,
रखें स्वस्थ्य अपना घर परिवार,
स्वास्थ्य से हीं अपनी जिंदगी,
स्वास्थ्य से ही यह सृष्टि संसार" काफी सराही गयी।
      वरीय कवि एवं शिक्षक श्रीराम राय ने चैता के तर्ज पर " विश्व बचाव कोरोना से रामा सुनाकर सबका मन मोह लिया।
     युवा कवि व शिक्षक विजय कुमार कंकेरी ने श्रोताओं को कविता के माध्यम से लोगों को स्वास्थ्य पाठ पढ़ाया वहीं कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे आचार्य सुर्य प्रसाद निशिहर की कविता की यह पंक्तियाँ--
"देह के साथ ही है जुड़ी जिंदगी,
कोई लघु कोई पाता बड़ी जिंदगी,
स्वास्थ्य का ध्यान"निशिहर सभी जन रखना,
खिलखिलाती रहे हर घड़ी जिंदगी" काफी पसंद की गयी।
      उपरोक्त कवियों के अलावे गोवर्धन लाल बघेल,आरती सिंह चौहान,करिश्मा सिंह,निर्मल जैन नीर,आदित्य गुप्त पदयात्री,अंजना सिन्हा,लखनलाल सोनी,गोपाल मिश्र,जितेन्द्र कुमार चंचल,डॉक्टर बत्सला,आनन्द मिश्र अकेला,सुषमा सिंह,प्रेम शंकर प्रेमी,आरती तिवारी सनत,कलावती करवा,स्वाति जैसलमेरिया,रंजना बिनानी,मधु भुतड़ा,मधु वैष्णव मान्या,अशोक कुमार शुक्ला,जितराम मकवाना ,सविता मिश्र,शैलेन्द्र सिंह शैली,डॉक्टर बीणा सिंह,पदमा तिवारी,दर्शन जोशी,नूर फातिमा खातून,डॉक्टर दीप्ति गौड़ दीप,रमा बहेड़,खेमराज साहू राजन,गीता पाण्डेय अपराजिता,अन्नपूर्णा मालवीय,कुलदीप बरतरिया,डॉक्टर विजय लक्ष्मी,प्रकाश कुमार,केवरा यदु मीरा,ललिता कुमारी वर्मा,कृष्ण सेंदल तेजस्वी,ईश्वर चंद जयसवाल एवं सीता राठी सहित देश के चार दर्जन कवियों व श्रोताओं ने काव्यपाठ कर सम्पूर्ण वातावरण को काव्यमय बना दिया।
    कार्यक्रम के पूर्व समकालीन जबाबदेही पत्रिका के संपादक धनंजय जयपुरी ने आगत अतिथियों का स्वागत किया जबकि कार्यक्रम के मुख्य अतिथि छतीसगढ से पधारे वरीय कलाकार व कवि सुनिलदत्त मिश्र ने "साहित्य कुंज" के कार्यों की काफी सराहना करते हुए लोगों को स्वस्थ्य रहने के लिए अपनी शुभकामना व्यक्त की।
       ----000----
       

कोई टिप्पणी नहीं