गर हो पैमाना तो माप कर देखो, मुहब्बत में सनम आजमा कर देखो_ss

गजल
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   गर  हो  पैमाना  तो  माप  कर  देखो,
   मुहब्बत में  सनम आजमा कर  देखो।

   नजरें  इनायत  करो  दिल  पर  जरा,
   गुज़ारिश  है  दिल  लगा  कर   देखो।

   दिल  के ज़र्रे ज़र्रे पर  तस्वीर  तुम्हारी,
   दिल    दर्पण   में  समा   कर    ‌देखो।

   चली  जाए जां  तो  कोई   गम   नहीं,
   दिल  दुल्हन का घूंघट हटा कर  देखो।
   
   दुनिया ने ‌मुझको  करार  दिया पागल,
   इस पगली  का साथ  निभा कर देखो।

   मुहब्बत की कहानी ना रह जाए अधूरी,
   वफ़ा ए कदम  जरा  बढा  कर   देखो।

   समाए धड़कनों में तुम बन प्यार रागिनी,
   प्रेमगीत  संग मेरे  गुनगुनाना कर  देखो।
                              सुषमा सिंह
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( सर्वाधिकार सुरक्षित एवं मौलिक)

2 टिप्‍पणियां

ARVIND AKELA ने कहा…

वाह,क्या बात कही है आपने।
मोहब्बत में आजमा कर देखो।
बहुत खूब।

Sushma Singh ने कहा…

धन्यवाद भाई साब 🙏🙏