पर्यावरण संदेश।तीर्थ वृत और यज्ञ के पहले , एक एक वृक्ष लगाओ।राजेश तिवारी_makkhn


पर्यावरण 
वृक्ष  हमें  देते  है  जीवन , ये जीवन सफल  बनाओ ।
तीरथ व्रत और यज्ञ के पहले ,एक एक वृक्ष  लगाओ ।।
वृक्ष धरा के भूषण है ,   ये   करते  दूर   प्रदूषण ।
वसुधा का श्रंगार करो तुम ,पहना पादप भूषण ।।
देते प्राण वायु जो तुम को , दूषित को हर लेते  ।
अर्थ धर्म अरु काम मोक्ष , ये  चार  पदार्थ  देते ।।
इनसे सीता पता पूछते ,  राम ने कहा सुनाओ ।.......१...
पर उपकारी पेड़ सभी फल , फूल मूल सब देते ।
जिसके बदले में तुमसे ये , कहौ कहाँ कुछ लेते ।।
औषधि दवा जड़ी बूटी सब  , तुम को प्राप्त कराते ।
वर्षा के हित बने सहायक , ग्रीष्म की  छाह सुहाते ।।
सब तरू संत विटप बन रहते , शिक्षा कुछ अपनाओ ।।...........२
दातुन से ले दाह कर्म तक ,  इनका साथ रहा है ।
कथा भागवत में देखो तो , सुन्दर श्याम कहा है ।।
फूल फरै पर  हेतु विटप ये ,  जीवन धन्य रहा है ।
जीवन वन से वन से जीवन ,  कैसा सत्य कहा है ।।
केवल माया में भरमाया  , प्राकृतिक प्रेम बढ़ाओ ।..................३
ये  उपकारी प्राणी है सब ,  इनको  अब न काटो । 
जो है इन्हें काटने वाले   ,  उनको भी अब डाटो ।।
मोहन बेनु बजावत तरु तर ,  दृश्य जरा तुम झाको ।
प्रभु तरु तर कपि डारके ऊपर , रामायन को आंको ।।
कार्बन ले आक्सीजन देते , सबको यह समझाओ ।..................४
तुलसी पीपल शमी आँवला ,  पूजें  सब  नर नारी ।
खड़ी आज अति विकट समस्या , परयावरणी भारी ।
अं धा धुन्ध कटाई करते ,   क्यों न  वृक्ष लगाते ।
अपने पाउन आप कुल्हाड़ी , क्यों दुर्बुद्धि चलाते ।।
रोमावली माँ वसुधा की है ,  इनका दर्द मिटाओ ।..................५
जिन पर कोयल बैठ कूकती , पपिहा पिऊ पिऊ करता।
ऐसी पावन देख प्रकृति क्या  ,  तेरा मन नही भरता ।।
आश्रम की शोभा है इनसे , खग मृग आश्रय दाता ।
इनकी सृष्टि  कर  अपने  को , माने  धन्य   विधाता ।।
दस पुत्रो सम एक वृक्ष है ,  शास्त्रन  सार  सुनाओ ।..................६
तीर्थ वृत और यज्ञ के पहले ,  एक एक वृक्ष लगाओ ।।
रचयिता
राजेश कुमार तिवारी "मक्खन"
पता ...टाइप 2/528 आवास पुरी बी .एच.ई.एल. झांसी (उ.प्र.)पिन नं०  284120
मो.नं.09451131195

मेरी यह रचना स्वरचित व मौलिक है ।

5 टिप्‍पणियां

दिव्या अग्रवाल ने कहा…

आपकी लिखी रचना ब्लॉग "पांच लिंकों का आनन्द" रविवार 06 जून 2021 को साझा की गयी है.............. पाँच लिंकों का आनन्द पर आप भी आइएगा....धन्यवाद!

Kamini Sinha ने कहा…

सादर नमस्कार ,

आपकी इस प्रविष्टि् के लिंक की चर्चा कल रविवार (6 -6-21) को "...क्योंकि वन्य जीव श्वेत पत्र जारी नहीं कर सकते"(चर्चा अंक- 4088) पर भी होगी।
आप भी सादर आमंत्रित है,आपकी उपस्थिति मंच की शोभा बढ़ायेगी।
--
कामिनी सिन्हा

Anupama Tripathi ने कहा…

प्रभावशाली अभिव्यक्ति !

सुशील कुमार जोशी ने कहा…

सुन्दर सृजन।

Sushma Singh ने कहा…

बहुत सुंदर रचना