प्रेमचंद कथा महोत्सव में श्रीमती शोभा रानी तिवारी की कहानी गरीब


 गरीब( लघुकथा  )

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गौतम पढ़ा -लिखा नहीं था। वह गली-गली घूमकर पुराने कपड़ों के बदले में बर्तन दिया करता था। जिससे उसकी रोजी-रोटी चलती थी।' एक दिन गली में जा रहा था ,कि ऊपर से आंटी ने आवाज लगाई,अरे! इधर आओ.. वह घर गया ,आंटी ऊपर से उतरकर आई ,उसने बर्तन देखें, फिर उन्हें एक परात पसंद  आई। उन्होंने गौतम से कहा ..कि , कितने कपड़े में देगा? आंटी पहले आप कपड़े तो दिखाइए ।मैं लेकर आती हूं ।आंटी अंदर  से एक शर्ट ,एक पेंट, और एक साड़ी लेकर आई ।आंटी  इतने  कपड़ों में तो यह  परात नहीं दे सकता ।"आंटी तो फिर क्या पूरे घर के कपड़े दे दूं ? यह देख रहा है पेंट और शर्ट कितना अच्छा है ?एक बार ही साहब पहने हैं। ब्रांडेड है। ये साड़ी देख रहा है 3000 रूपये की है ।सिर्फ दो बार पहनी है। चल दे दे ,नहीं आंटी एक जोड़ी पेंट शर्ट और दो साड़ी और दीजिए।"आंटी तमतमा गई ।पागल तो नहीं है ।एक परात के लिए इतने सारे कपड़े ,पता नहीं कहां का है? हो सकता है चोरी का हो ।गौतम अपना परात ले जाने लगा। रुक एक साड़ी और लाती हूं ।नहीं आंटी एक जोड़ी पेंट, शर्ट भी चाहिए। आंटी जी को झिकझिक करने की आदत थी। वह अंदर से एक साड़ी लाई ,अब कुछ मत कहना ।चुप-चुप  दे दो। गौतम ने सोचा चलो दे दो, ऊंची दुकान फीकी पकवान को ध्यान में रखते हुए परात दे दी। वहीं सामने एक जवान विक्षिप्त लग रहा था । केवल चड्डी पहन रखी थी।सारा बदन दिख रहा था। गौतम से नहीं रहा गया वह पेंट -शर्ट निकाल कर उसे पहना दिया। वह खुश हो गया। आंटी परात लेकर अंदर चली गई ।उन्होंने देखा की परात में कहीं -कहीं उठा है ।अरे! मैं तो ठग गयी । दूसरे दिन गौतम जब  उसी गली से निकला तो ,आंटी ने जोर से आवाज लगाई ।जरा रुको ,इधर आओ।

 जब गौतम आया तो आंटी ने बड़ा सामने परात लाकर रख दी ,नहीं चाहिए तुम्हारी परात ।यह अच्छा नहीं है।लाओ हमारे कपड़े वापस करो ।कल  जिस व्यक्ति को  गौतम ने पेंट -शर्ट पहनाया था ।वह वहीं खड़ा था। उसे इशारे से बुलाया और पेंट-शर्ट निकालने के लिए कहा। हमारा कपड़ा उसे क्यों पहना दिया ?जब आपने मुझे दे दिया तो वह मेरा हो गया ना आंटी, मुझसे नहीं रहा गया इसलिए मैंनेउसे पहना दिया ।आंटी जी ऐसा करिए ,मेरे  पास जो कपड़े हैं उन्हें रख लीजिए। और यह परात भी रख लीजिए ।हम जो सामान एक बार देते हैं उसे वापस नहीं लेते। हम गरीब हैं, पर सोंच ऊंची रखते हैं। गौतम चला गया पर एक  दस्तक दे गया। जो आंटी के कानों में  बहुत दिनों तक गूंजती रही ।


श्रीमती शोभा रानी तिवारी ,

619 अक्षत अपार्टमेंट ,

खातीवाला टैंक इंदौर म.प्र.,

मोबाइल    8989409210

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