मुंशी प्रेमचंद कहानी प्रतियोगिता हेतु कहानी । बिमली_bimli


मुंशी प्रेमचंद कहानी प्रतियोगिता हेतु

     बिमली
  ----------------
 बिमली की शादी एक धोखा थी। सीधे साधे  मां बाप को बताया गया था कि अविनाश दिल्ली की किसी कम्पनी में
सुपरवाइजर  है,  और  20,000  की
पगार  पाता है । पिता ने  विश्वास कर
लिया और  शादी  सम्पन्न हो  गयी। लेकिन
हकीकत कुछ  और  निकला। अविनाश
आले  दर्जे  का  निकम्मा  और  व्यसनी
था। दिन भर इधर-उधर रहता  और शाम
को घर में दाखिल होते ही हल्ला हंगामा
और गाली गलौज करता। श्वसुर बूढ़े थे,
मुश्किल से  गुजारा होता । बिमली को आभास  हो चुका था  कि घर की‌ गाड़ी अब  उसे ‌ ही  खिंचनी  है, अविनाश से‌ कोई  उम्मीद  रखना बेकार है।  मैके में
उसने  सिलाई कढ़ाई का प्रशिक्षण ‌ लिया
था। अतः गांव  में   ही एक प्रशिक्षण केन्द्र
खोल गांव  की  लड़कियों  को सिलाई
कढ़ाई  सिखाने  लगी, कुछ पैसे  आने लगे। ज्यों ज्यों आय बढ़ती  गयी प्रशिक्षण
केन्द्र  बुटिक का आकार  लेता गया। अब
तो  शहर  से‌ भी  आर्डर  मिलने लगा , कारोबार  बढ़ चला।गांव की अनेक स्त्रियों
एवं लड़कियों को रोजगार मिला जिससे
अनेकों ‌घरों  की  माली  हालत  सुधारने ‌लगी।  और बिमली की एक अलग  पहचान बनी।

                   सुषमा सिंह
                    औरंगाबाद
                  ---------------------
( सर्वाधिकार सुरक्षित एवं मौलिक)

13 टिप्‍पणियां

ARVIND AKELA ने कहा…

बहुत सुन्दर रचना।

Sushma Singh ने कहा…

धन्यवाद भाई साब 🙏

Pranav Kumar Singh ने कहा…

अति सुन्दर रचना।👌👌

बेनामी ने कहा…

Bahut hi sundar ❣️

बेनामी ने कहा…

Wowww maami ❣️😍

Shalini ने कहा…

Well written ...😍❤️

Soni kumari ने कहा…

Very inspirational story mam.
Your all fabrication is very nice👌👌🙏

Unknown ने कहा…

Very nice mam

Unknown ने कहा…

Ankita Bala
Very nice mam

Priti Kumari ने कहा…

Nice ❤️

Unknown ने कहा…

Sundr line mamm.
👏👏👌👌👌

KM ANJALI ने कहा…

नारी शक्ति है, सम्मान है
नारी गौरव है, अभिमान है
नारी ने ही ये रचा विधान है
हमारा शत-शत प्रणाम है.

Unknown ने कहा…

Bahut sundar seekh ❤❤