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मकर संक्रांति का त्यौहार-बीना सिंह-srisahitya



पूरब दिशा में अद्भुत

लगता सूरज की लाली है

चंदन रोली अक्षत संग

तिलगुड़ की सजाई थाली है

आया देखो सद्भाव से भरा

मकर संक्रांति का त्यौहार

हर्ष उल्लास संग अपने

लाया खुशियों की बहार

प्रातः काल  ही हम सब

बिस्तर से उठ जाग जाते

पवित्र नदियों ताल सरोवर

जाकर है  डुबकी  लगाते

जाड़े की ठंडक इस कदर

सभी पर  जुल्म ढाता है

सुनहरी गुनगुनी धूप देखकर

सबका मन ललचाता है

डोरी  बांध नीलगगन में

छत पर है पतंग उड़ाते

हार जीत की मस्ती में

एक दूजे से दांवपेच है लगाते 

आहा आई देखो कैसी है

यह मीठी खुशियांली है

तिलकुट चुड़ा घेवर और

बतासे से भरी आज थाली है।

-डा बीना सिंह "रागी"

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2 टिप्पणियाँ
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न तो मैटर सलेक्ट होता है और न ही फोटो सलेक्ट होता है।
इसीलिए इस ब्लॉग की चर्चा चर्चामंच पर नहीं लगाई जाती है।
Manisha Goswami ने कहा…
खूबसूरत सृजन😍