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स्वामी विवेकानंद की गाथा-ss

शुभ जयंती विशेष

स्वामी विवेकानंद जी की गाथा



हे तेजस्वी प्रगति का परचम लहराने वाले,
देश दुनिया में युवा शक्ति के सृजन कर्ता आप,
युवाओं की रग में देशभक्ति का जोश भरने वाले,
अपने राष्ट्र को साहस का ज्ञान बल देते आप,
उठो चलो लक्ष्य पा लो, का ध्यान दिलाने वाले,
जनजागृति-युवा क्रांति आवाहन कर्ता आप।
चित्रांश समाज के जगतारण कुल के दीपक
देश के युवाओं के कर्णधार बने थे आप ।
स्वराष्ट्र की अखंडता के शत्रुओं का नाश करने वाले,
सुभाष चंद्र व भगत सिंह के पथ प्रदर्शक आप।
हर राह में प्रेरणा स्रोत बनकर जोश भरने वाले,
देश समाज में फैली कुरीतियों के दमन कर्ता आप।
अंतरात्मा में साहस की प्रेरणा गढ़ने वाले ,
नवराष्ट्र के नवसृजन के आवाहन कर्ता आप।
सब कुछ है संभव -नहीं कुछ है असंभव,
यह उद्भव भी देने वाले स्वराष्ट्र नेता आप।
ओजस्वी तेजस्वी विचारों से विश्व में स्थान दिलाने वाले, 
विश्व पर भारत की संस्कृति को फैलाते आप।
युग प्रवर्तक के रूप में प्रेरणा स्रोत बनने वाले,
युवा शक्ति को बढ़-चढ़ कर बढ़ावा देते आप।
संरक्षित राष्ट्र का नव स्वप्न को पूरा करने वाले
तम हरते अज्ञानता का , समरसता भरते आप।
असंभव से आगे निकलकर ही पा सकते हैं संभव की सीमा ,
ज्ञान से अंजान थी हम सबकी पुरानी पीढ़ियां,
हमारे लिए गर्व की बात की हम सब हैं उनकी संतान,
हमारे पूर्वजों के लिस्ट में आता उनका नाम,
दिलाता जगत में सम्मान हमको,
हो जाए श्रेष्ठ पहचान,
युग के पथ प्रवर्तक स्वामी विवेकानंद जी महान।
करते उनके चरणों में नमन वंदन अभिनंदन हम,
सीखा करना अपने देश पर निछावर करें प्राण।

ज्योति सिन्हा 
मुजफ्फरपुर,बिहार

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