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आजादी का अमृत महोत्सव तिरंगा से प्यार_a n

 आजादी का अमृत महोत्सव 
शीर्षकः तिरंगा से प्यार

जबतक धरती पर यह संसार रहे ,
धरती का होता सदा शृंगार रहे ।
नेकनियति बसे सदा ही दिल में ,
प्राणों से बढ़ तिरंगा से प्यार रहे।।
हम भारतवासी भारत के रक्षक ,
कुंडली मारे अरियों हेतु तक्षक ।हम ही जनता हम ही सरकार ,
हम ही भारत देश के हैं संरक्षक।।
अरियों हेतु ढलती सदा शाम रहे ,
भारत हेतु सुनहरा ही प्रभात रहे ।
भारत पे तीखी नजर डालनेवाले ,
भारत तुझे सदा देता मात रहे ।।
जबतक पावन बहती गंगा रहेगी ,
तबतक लहराता तिरंगा रहेगा ।
जल जलकर मरेंगे जलनेवाले ,
तिरंगे पर न कोई अड़ंगा रहेगा ।।
राष्ट्र प्यारा राष्ट्रीय तिरंगा प्यारा ,
प्राणों बढ़कर आँखों का तारा ।
तन समाहित मन भी समाहित ,
इसीमें समाहित पंचतत्व हमारा।।

अरुण दिव्यांश
डुमरी अड्डा , सारण
बिहार ।
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